परम पूज्य प्रज्ञा श्रमणी वात्सल्यनिधि जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका रत्न105 डॉ ज्ञेयश्री माताजी का चातुर्मास सुसनेर मध्यप्रदेश में हो रहा हैं
*"कई बार आपके द्वारा कहे*
*सहानुभूति भरे दो शब्द*
*किसी को जीवन में*
*कठिन से कठिन*
*समस्या का*सामना करने का
मनोबल दे देते है."*
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